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कालसर्प दोष उज्जैन – 12 प्रकार, लक्षण, प्रभाव और शांति उपाय

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  कालसर्प योग – कुंडली में राहु-केतु की विशेष स्थिति का प्रतीक उज्जैन में कालसर्प दोष शांति पूजा प्राचीन काल से विशेष रूप से प्रभावी मानी जाती है।वैदिक ज्योतिष शास्त्र  में कालसर्प दोष  को एक अत्यंत प्रभावशाली, गूढ़ और जीवन को गहराई से प्रभावित करने वाला योग माना गया है। यह योग तब निर्मित होता है जब जन्म कुंडली में स्थित सभी ग्रह राहु और केतु के अक्ष के भीतर आ जाते हैं। राहु को इच्छाओं, भ्रम, आकस्मिक घटनाओं और भौतिक लालसाओं का प्रतीक माना गया है, जबकि केतु त्याग, वैराग्य, आध्यात्म और पूर्व जन्म के कर्मों का संकेत देता है। जब ये दोनों ग्रह संपूर्ण कुंडली को अपने प्रभाव में ले लेते हैं, तब व्यक्ति के जीवन में विशेष प्रकार के उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। कालसर्प योग को अक्सर केवल नकारात्मक दृष्टि से देखा जाता है, किंतु वास्तविकता यह है कि यह योग व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से गुज़ारते हुए आंतरिक शक्ति, संघर्ष क्षमता और असाधारण सफलता भी प्रदान कर सकता है। जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प योग होता है, उनके जीवन में परिश्रम अधिक होता है, सफलता देर से मिलती है, परंतु जब मिलती...