महामृत्युंजय शिव पूजा – महत्व, विधि, लाभ और ज्योतिषीय प्रभाव
महामृत्युंजय शिव पूजा हिंदू धर्म की सबसे शक्तिशाली और फलदायी वैदिक पूजाओं में से एक मानी जाती है। यह पूजा विशेष रूप से रोग, भय, अकाल मृत्यु, ग्रह दोष, कालसर्प दोष, मंगल दोष, पितृदोष और मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए की जाती है। ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि जब जीवन में बार-बार संकट आएँ, स्वास्थ्य बिगड़ता जाए या कुंडली में गंभीर दोष हों, तब महामृत्युंजय शिव पूजा और महामृत्युंजय जाप अवश्य कराना चाहिए। कालसर्प मंगल दोष पूजा उज्जैन की संपूर्ण जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें। महामृत्युंजय मंत्र का शास्त्रीय महत्व महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है। इसे मृत्युंजय मंत्र, त्र्यंबक मंत्र भी कहा जाता है। महामृत्युंजय मंत्र ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ इस मंत्र का अर्थ है – हम त्रिनेत्रधारी भगवान शिव की आराधना करते हैं, जो हमें रोग, भय और मृत्यु के बंधन से मुक्त कर अमरत्व प्रदान करते हैं। ज्योतिष के अनुसार महामृत्युंजय शिव पूजा क्यों आवश्यक है ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली ...