मंगल दोष पूजा उज्जैन | Manglik Dosh Puja & Shanti Nivaran
मंगल दोष वैदिक ज्योतिष । का एक प्रमुख ग्रह दोष माना जाता है, जिसका प्रभाव व्यक्ति के विवाह, दांपत्य जीवन, मानसिक संतुलन और पारिवारिक सुख-शांति पर स्पष्ट रूप से देखा जाता है। जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह अशुभ भावों में स्थित होता है, तब यह दोष उत्पन्न होकर विवाह में देरी, बार-बार संबंधों में तनाव, क्रोध की अधिकता तथा जीवन में अनावश्यक संघर्ष का कारण बनता है। ऐसे में मंगल दोष को अनदेखा करना आगे चलकर वैवाहिक जीवन और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है। शास्त्रों में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस और अग्नि तत्व का प्रतिनिधि माना गया है, इसलिए इसका असंतुलन जीवन में अशांति उत्पन्न करता है। उज्जैन, जो भगवान महाकाल की पावन नगरी है, मंगल दोष शांति एवं निवारण के लिए विशेष रूप से प्रभावशाली मानी जाती है। यहां अनुभवी वैदिक पंडितों द्वारा शास्त्रीय विधि से की गई मंगल दोष पूजा, हवन और मंत्र-जाप से इस दोष के नकारात्मक प्रभाव को शांत कर जीवन में सुख, स्थिरता और वैवाहिक संतुलन प्राप्त किया जा सकता है। मंगल दोष क्या है? मंगल दोष वैदिक ज्योतिष में उत्पन्न होने वाला एक प्रमुख ग्रह दोष ह...